इस्लामाबाद, 7 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में आतंक फैलाने वाले आंतकियों के खिलाफ पाकिस्तान को कड़ा कदम उठाना चाहिए, यह बात भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी उठ रही है। पाकिस्तान के एक समाचारपत्र ने लिखा है कि पाकिस्तान में अगर सचमुच पाकिस्तानी हैं तो उन्हें भारतीय वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकी हमले के गुनहगारों को पकड़ने में पूरी ईमानदारी के साथ भारत की मदद करनी चाहिए।
समाचारपत्र ‘द न्यूज इंटर्नेशनल’ ने अपने संपादकीय में कहा, “यह स्पष्ट है कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों का सहयोग जरूरी है।”
संपादकीय में कहा गया, “भारत ने आतंकियों और उनके नेटवर्क का पता लगाने में पाकिस्तान की मदद की मांग की है और हमें पूरी निष्ठा से यह करना चाहिए।”
समाचार पत्र ने यह भी कहा कि दो जनवरी को पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के अड्डे पर हुए हमले के कारण भारत और पाकिस्तान के संबंधों में संकट आने की संभावना थी।
भारत ने कहा कि सभी छह हमलावर मारे गए। माना जा रहा है कि वे पाकिस्तान से आए थे।
संपादकीय के मुताबिक, “हालिया हमले के कारण पिछले कुछ सप्ताहों में भारत-पाकिस्तान संबंधों में जो सुधार आया था, उसमें रुकावट आने का अंदेशा था।”
लेकिन हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच टेलिफोन पर हुई बातचीत ने इस हमले के कारण दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव को दूर करने में काफी मदद की है।
संपादकीय के मुताबिक, “यह मामलों को कूटनीतिक ढंग से संभालने का इरादा दर्शाता है।”
समाचारपत्र ने दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच इसी महीने के लिए तय वार्ता रद्द करने के दबाव के आगे न झुकने के लिए भारत की सराहना भी की।
dharmpath.com dharmpath