काहिरा, 9 जनवरी (आईएएनएस)। मि की एक अदालत ने अपदस्थ राष्ट्रपति होस्नी मुबारक और उनके बेटों को भ्रष्टाचार के आरोप में सुनाई गई तीन साल की सजा के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।
अल अहराम दैनिक में प्रकाशित रपट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति और उनके दो बेटों -गमाल और अला मुबारक- ने स्थानीय मीडिया द्वारा ‘राष्ट्रपति भवन मामला’ के नाम से प्रचलित इस मामले में राहत के लिए याचिका दायर की थी। इसमें उन पर 1.25 करोड़ मिी पाउंड (1.50 करोड़ डॉलर) की सरकारी रकम के गबन का आरोप है, जो कि राष्ट्रपति भवन की इमारत के रखरखाव में खर्च किए जाने थे।
मई 2014 में सुनाए गए फैसले में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 1.25 करोड़ मिी पाउंड की राशि तथा बतौर जुर्माना अतिरिक्त 2.1 करोड़ मिस्त्री पाउंड की राशि सरकारी खजाने में जमा कराने के आदेश दिए थे। साथ ही मुबारक को तीन साल कारावास और उनके दोनों बेटों को चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। लेकिन बाद में अपील पर सुनवाई करते हुए उनके बेटों की सजा भी घटाकर तीन साल कर दी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान ही तीनों आरोपी अपनी सजा काट चुके थे। इसलिए मई 2015 में इन सबको रिहा कर दिया गया। मि के कानून के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में शामिल कर लिया जाता है।
होस्नी मुबारक का अभी मादी सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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