हैदराबाद, 14 जनवरी (आईएएनएस)। प्रख्यात मुस्लिम नेता अब्दुल रहीम कुरैशी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे।
कुरैशी मजलिस-ए-तामीर-ए-मिल्लत के अध्यक्ष थे, वह एक सामाजिक-धार्मिक संगठन के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने मुसलमानों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए काम किया। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक इस समूह का नेतृत्व किया।
तामीर-ए-मिल्लत की स्थापना 1950 के दशक में सैयद खाइलुल्ला हुसैनी ने की थी।
कुरैशी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सहायक महासचिव थे और उन्होंने इसके प्रवक्ता के रूप में कार्य किया।
मुस्लिम नेताओं ने कुरैशी के निधन पर संवदेना जताई है।
मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे समुदाय के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान करार दिया है।
ओवैसी ने कहा, “यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। मुझे जब कभी आवश्यकता पड़ी, उन्होंने मशविरा व मार्गदर्शन दिया।”
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