आयोग के आंकड़े के मुताबिक, 2015 में जच्चा मृत्यु दर प्रति 10 हजार पर 10 रही, जो 2009 में 23 थी।
शिशु मृत्यु दर इस दौरान घटकर प्रति हजार 16 हो गई, जो 2009 में 21 थी।
इस दौरान अस्पताल में प्रसव की दर 51 से बढ़कर 90 हो गई।
आयोग के आंकड़े के मुताबिक, 2015 में जच्चा मृत्यु दर प्रति 10 हजार पर 10 रही, जो 2009 में 23 थी।
शिशु मृत्यु दर इस दौरान घटकर प्रति हजार 16 हो गई, जो 2009 में 21 थी।
इस दौरान अस्पताल में प्रसव की दर 51 से बढ़कर 90 हो गई।