सियोल, 19 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे ने मंगलवार को कहा कि वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चौथे परमाणु परीक्षण के बाद भी अगर प्योंगयांग पर कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए गए, तो इसका गलत संदेश जाएगा।
पार्क ने एक कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि यदि कड़े व प्रभावी प्रतिबंध न लगाए गए तो यह गलत संदेश जाएगा कि प्योंगयांग अगर पांचवां व छठा परमाणु परीक्षण भी करेगा, तो भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय कुछ नहीं कर सकता है।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से अपील की कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा कड़े व व्यापक प्रतिबंध के लिए कूटनीतिक प्रयास करें।
उत्तर कोरिया द्वारा छह जनवरी को अपने पहले हाइड्रोजन बम परीक्षण के दावे के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ रहा है।
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से लगी अपनी सीमाओं पर लाउडस्पीकर से उत्तर कोरिया के खिलाफ दुष्प्रचार का प्रसारण फिर से शुरू कर दिया है, जिसके प्रतिक्रियास्वरूप उत्तर कोरिया ने भी दक्षिण कोरिया के खिलाफ दुष्प्रचार प्रसारण शुरू कर दिया।
प्योंगयांग एयर बैलून द्वारा दक्षिण कोरिया विरोधी 10 लाख से अधिक पर्चियों को सियोल व दोनों देशों की सीमा के पास उत्तर के कुछ क्षेत्रों में गिरा रहा है।
पार्क ने कहा कि प्योंगयांग द्वारा संभावित किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए सेना को तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने सेना से उत्तर कोरिया के किसी भी साइबर हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय व विदेश मंत्रालय के नाम से सियोल के सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर ढेर सारे ई-मेल भेजे गए हैं, जिनमें प्योंगयांग के चौथे परमाणु परीक्षण को लेकर राय मांगी गई है।
माना जा रहा है कि ये ई-मेल प्योंगयांग से भेजे गए हैं, जो एक साइबर हमला है। दक्षिण कोरिया ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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