लंदन, 19 जनवरी (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने गर्भाशय के कैंसर का पता लगाने वाली एक नई किस्म की अल्ट्रासाउंड जांच विकसित की है, जिससे कैंसर के खतरे की पूर्वसूचना मिल पाएगी।
बेल्जियम के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स लियूवेन में हुए शोध के मुख्य लेखक ड्रिक टिम्मरमैन कहते हैं, “हाल तक इस जांच से रोगियों की 20-25 प्रतिशत जांच पूरी नहीं हो पाती थी।”
उन्होंने बताया, “हमारा शोध दल इसकी जांच करने में सक्षम था। अब से यह नई विधि प्रत्येक मरीज का सटीक निदान कर पाएगी। यह नया परीक्षण मरीज में ट्यूमर के सटीक जोखिम की जानकारी दे सकता है।”
गर्भाशय का कैंसर एक घातक बीमारी है। इसमें शीघ्र जांच और इलाज कारगर हो सकता है।
यह अध्ययन साल 1999 से 2012 के बीच 10 देशों के लगभग 5 हजार लोगों पर किया गया था। गर्भाशय कैंसर के बीनिंग (सौम्य) और मैलीगैंट (घातक) लक्षणों को अल्ट्रासाउंड विधि से पहचाना जाता है। इसके विकसित होने से इन लक्षणों को शीघ्र पहचानने में मदद मिलेगी।
यह शोध पत्रिका ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ ओबस्ट्रेटिक्स एंड गाइनिकोलॉजी’ में प्रकाशित किया गया है।
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