यह हीटिंग परियोजना उत्तरी तिब्बत के नागकू प्रांत के नागकू शहर में चलाई जा रही है, जो समुद्रतल से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर है। इस शहर का वार्षिक औसत तापमान 2 डिग्री सेल्सियस है, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस 30 डिग्री तक चला जाता है।
इस परियोजना का 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है और नागकू में किया गया परीक्षण भी सफल रहा है। इस हीटिंग परियोजना से 2,00,000 लोगों को फायदा होगा जो नागकू की कुल आबादी की आधी होगी। उन्हें अब ठंड से बचने के लिए कंडे जलाने की जरूरत नहीं होगी।
नागकू प्रांत विकास और सुधार आयोग के निदेशक ली होंगवेई के मुताबिक साल 2013 में स्थानीय सरकार ने सेंट्रल हीटिंग परियोजना, वॉटर सप्लाई और ड्रेनेज सिस्टम में 1.15 अरब यूआन (17.6 करोड़ डॉलर) का निवेश किया था।
वहीं, नगारी प्रांत में भी एक और हीटिंग परियोजना पर काम जारी है। यह नागकू से 1,500 किलोमीटर पूर्व में है। तिब्बत की राजधानी लहासा को सेंट्रल हीटिंग नेटवर्क से वर्ष 2014 में ही जोड़ दिया गया था।
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