जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ क्वालिटी सुपरविजन, इंस्पेक्शन एंड क्वारंटाइन ने कहा कि कंपनी जिन कारों को वापस लेगी उनका निर्माण 6 सितंबर, 2010 से 13 अगस्त, 2014 के बीच हुआ है।
प्रशासन ने कहा कि अगर ट्रंक में पानी चला जाए, तो बैटरी में शॉट सर्किट से कार में आग सकती है।
मरम्मत के लिए वापस लिए गए वाहनों में कंपनी ड्रेन वॉल्व लगाएगी। कंपनी कारों को वापस लेने का काम 18 फरवरी से शुरू करेगी।
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