विशेषज्ञों का कहना है कि वह 2016 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अब भी रिपबल्किन पार्टी की ओर से प्रबल दावेदार हैं। ट्रंप ने पिछली गर्मियों में देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की थी और कई विशेषज्ञों के उन अनुमानों को चकनाचूर कर दिया था, जिसमें यह बताया जा रहा था कि ट्रंप मात्र एक बड़बोले दावेदार बनकर रह जाएंगे।
इन सभी विरोधों के बावजूद ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं। वह देश में सरकार विरोधी भावनाओं को बल देने और देश के गलत दिशा में बढ़ने की बातों को लोगों तक पहुंचाने में सफल रहे हैं।
प्रिंसटन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर जूलियन जेलीजर ने गुरुवार को हुई चर्चा के बारे में कहा, “यह एक बहुत अच्छा विचार-विमर्श हो सकता था।”
इसके बावजूद पर्यवेक्षकों ने बताया कि विवादास्पद ट्रंप के बिना यह बहस फीकी थी। ट्रंप के मजाकिया एवं कटाक्षपूर्ण लहजे की कमी थी।
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