आपात स्वास्थ्य स्थितियों के लिए यूनिसेफ की वरिष्ठ स्वास्थ्य सलाहकार हीदर पपोविट्ज ने एक बयान में कहा, “हमें महिलाओं और गर्भवतियों को वह जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कदम उठाने की जरूरत है, जो उनकी व उनके बच्चों की हिफाजत के लिए जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “हमें इस बारे में समुदायों से बातचीत करने की जरूरत है कि उन मच्छरों को कैसे रोका जाए, जो इस वायरस के वाहक हैं और इसे फैला रहे हैं।”
यूनिसेफ के अनुसार, ब्राजील में 22 अक्टूबर, 2015 से 26 जनवरी, 2016 के बीच नवजात बच्चों में माइक्रोसेफेली के 4,000 से अधिक मामले सामने आए। जबकि वर्ष 2014 में पूरी दुनिया में इसके महज 147 मामले देखने को मिले थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को घोषणा की कि ब्राजील में माइक्रोसेफेली के मामलों का बढ़ना और सामने आए अन्य मस्तिष्क संबंधी विकार अंतर्राष्ट्रीय संबंध में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति के रूप में खड़े हैं।
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