लीबिया में बढ़ रहा आईएस का खतरा : केरी

रोम, 3 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेशमंत्री जॉन केरी ने कहा है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सीरिया और इराक में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को पीछे धकेल दिया है, लेकिन लीबिया में इसका खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लीबिया में तेल संपदा आईएस के हाथ में जा सकती है।

केरी ने रोम में आईएस विरोधी एक सम्मेलन में कहा, “लीबिया में हम राष्ट्रीय एकता की सरकार के गठन के करीब हैं। यह लीबिया को भविष्य में दाएश (आईएस) का गढ़ बनने से रोकेगा।”

उन्होंने कहा, “इस देश (लीबिया) में संसाधन हैं। आप दुनिया में आखिरी जिस चीज को होते हुए देखना चाहेंगे, वह है एक ऐसी झूठी खिलाफत जिसके हाथ में अरबों डॉलर हो।”

सम्मेलन में 23 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। ये देश आईएस के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा हैं। केरी ने इराक के आजाद कराए इलाकों में स्थायित्व और सीरिया में लोगों के सामने पैदा संकट से निपटने के लिए प्रतिभागी देशों से अधिक वित्तीय सहायता देने की अपील की।

अभी तक आईएस को सीरिया में उसकी स्वयंभू खिलाफत के 20-30 फीसदी और इराक के 40 फीसदी हिस्से से खदेड़ा जा चुका है।

केरी ने कहा, “हम अभी सीरिया या इराक में वह जीत हासिल नहीं कर सकें हैं, जो करना चाहते हैं और कर के रहेंगे। हम देख रहे हैं कि दाएश अब अन्य देशों, खासकर लीबिया का रुख कर रहा है।”

सम्मेलन में मंगलवार को फोकस लीबिया पर रहा, जिसे सीरिया से भागे आतंकी अपनी जंग का नया मैदान बनाने के लिए आतुर दिख रहे हैं।

आईएस विरोधी गठबंधन में शामिल इटली खासकर लीबिया में आईएस को नेस्तनाबूद देखना चाहता है। लीबिया, इटली का उपनिवेश रह चुका है। यहां का संकट यूरोप में लाखों शरणार्थियों के संकट की वजह बनेगा।

2011 में तानाशाह मुअम्मार गद्दाफी को सत्ता से हटाने के बाद लीबिया आंतरिक संकट का शिकार रहा है। अब संयुक्त राष्ट्र समर्थित योजना के तहत यहां अलग-अलग गुट राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने के लिए तैयार दिख रहे हैं।

मोरक्को में एक महीने पहले तैयार इस योजना के अमल पर गुटों में संघर्ष की वजह से अमल नहीं हो सका है। पश्चिमी देश लीबिया में सैन्य हस्तक्षेप के बारे में विचार कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले उनकी कोशिश राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन की है।

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