‘स्टेट ओशियन एडमिनिस्ट्रेशन’ (एओए) ने यह जानकारी दी।
अंटार्कटिक के अन्वेषण के लिए एसओए एक ‘एयर सर्विस’ टीम का गठन करेगा, जो भूमि, वायु और समुद्र की पूर्ण रूप से जांच में मदद करेगा।
एसओए ने कहा कि ध्रुवीय वातावरण के साथ-साथ निगरानी और आवेदन सेवा प्रणालियों के लिए प्रौद्योगिकी और उपकरणों को विकसित किया जाएगा। इसके साथ एसओए एक ‘पायलट डीप-सी माइनिंग’ परियोजना भी चलाएगा।
साथ ही एसओए 2016 में सातवां आर्कटिक अनुसंधान अभियान भी चलाएगा और पहली बार रूस के साथ संयुक्त रूप से एक आर्कटिक महासागर अभियान का प्रबंध करने की भी कोशिश करेगा।
रणनीतिक योजना और अर्थव्यवस्था विभाग के प्रमुख झांद झानहाई ने कहा कि प्रशासन कई राज्य समुद्रीय प्रयोगशालाओं का निर्माण करेगा।
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