एनएचएफपीसी ने मंगलवार को कहा कि मरीज 34 वर्षीय एक युवक है और गानशियन प्रांत का निवासी है। उपचार से वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।
वह वेनेजुएला गया था और हॉन्गकांग व शेनझेन होते हुए पांच फरवरी को घर लौटने से पहले 28 जनवरी को उसे बुखार, सिरदर्द व मिचली की शिकायत हुई।
एनएचएफपीसी ने कहा कि लोक स्वास्थ्य अधिकारियों व विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक, इस बीमारी से उसके पीड़ित होने से कम तापमान के कारण विषाणु के प्रसार का खतरा बेहद कम है।
मच्छरों के काटने से फैलने वाले जीका विषाणु के लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, आंखों में संक्रमण, सिरदर्द, मांसपेशियों व आंखों में दर्द शामिल है।
मुख्य शोधकर्ता के मुताबिक, बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों के इस्तेमाल से एक पायलट फील्ड स्टडी किए जाने की उम्मीद है।
अध्ययन के प्रमुख शी झियोंग ने कहा कि यह कदम स्थानीय मच्छरों की आबादी घटनाने के लिए है, जो मानवों में जीका विषाणु का प्रसार करता है।
शी गुआंगदोंग प्रांत में स्थित सुन यात-सेन युनिवर्सिटी में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर हैं।
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