चीन के ‘गुरुत्वाकर्षण तरंग’ शोध को सरकारी मंजूरी का इंतजार

अमेरिका के लेजर इंटरफीरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑबजरवेटरी (लीगो) ने गुरुवार को गुरुत्वाकर्षण तरंगों के शोध की घोषणा की थी, जिसने एक सदी पहले अल्बर्ट आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता (जनरल रिलेटिविटी) के सिद्धांत की कल्पना को बल दिया है।

चीन के इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रॉनामी एंड स्पेस साइंस ऑफ ए यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष ली मिआओ से अनुसार इस नई खोज से गुरुत्वाकर्षण तरंगों पर दुनिया भर के अध्ययनों को प्रोत्साहन मिला है, साथ ही इसने चीन के घरेलू अनुसंधान में तेजी लाने का काम भी किया है।

ली के अनुसार, तियाकिन पहले से ही कुछ महत्वपूर्ण तकनीकों पर प्रगति हासिल कर चुकी है और अगले 15 से 20 वर्षो में यह अपने चार चरण भी पूरा कर लेगा, इसमें गुरुत्वाकर्षण लहरों का पता लगाने वाले तीन उच्च-कक्षा उपग्रहों के प्रक्षेपण के अंतिम चरण भी शामिल हैं।

लीगो में शामिल वैज्ञानिक चेन यानबे ने बताया, “तियाकिन का शोध अमेरिका द्वारा किए गए अनुसंधान से अलग होगा। संभावना है कि यह उस घटना के बारे में और अधिक जानकारी इकट्ठा करेगा।”

ली ने बताया कि द सन यात-सेन यूनिवर्सिटी अपनी परियोजना में चीन के साथ ही विश्व भर के अन्य संस्थानों का भी सहयोग पाने की इच्छुक है।

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