समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उप विदेश मंत्री झांग येसुई ने यह बात मंगलवार को चीन और दक्षिण कोरिया के विदेश मामलों के मंत्रालयों के बीच हुई सातवीं उच्च स्तरीय सामरिक वार्ता के मौके पर कही।
झांग ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप के मौजूदा हालात बहुत पेचीदा और संवेदनशील हैं।
चीन ने इस बाबत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जल्द से जल्द एक नए और सशक्त संकल्प लेने पर राजी होने के प्रयासों का समर्थन किया है।
झांग ने कहा, “प्रतिबंध या रोक अपने आप में एक अंत नहीं है। हमें वार्ता और बातचीत के जरिए एक मौलिक समाधान या हल तलाशना होगा।”
उन्होंने कहा कि चीन दक्षिण कोरिया में टीएचएएडी की तैनाती पर वार्ता आयोजित करने के अमेरिका और दक्षिण कोरिया के इरादे से बहुत चिंतित है।
वहीं, अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उन्होंने टीएचएएडी की तैनाती के बारे में विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। टीएचएएडी दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों में से एक है। यह प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइल को वातावरण के अंदर या बाहर रोक सकती है और उसे तहस-नहस कर सकती है
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