इस्लामाबाद, 21 फरवरी (आईएएनएस)। क्षेत्रीय एकीकरण और व्यापार बढ़ाने से भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध सुधार सकता है। इस बात से कूटनीतिकों और राजनीतिक विशेज्ञ भी सहमत हैं और मानते हैं कि यही मूल मंत्र होगा।
पाकिस्तान के एक दैनिक अखबार ने अपने सांपदकीय में कहा कि जब तक उपमहाद्वीप में वीजा प्रणाली को उदार नहीं बनाया जाएगा तब तक क्षेत्रीय एकीकरण, शांति और सामान्यीकरण की की उम्मीद मन में लड्ड फूटने के समान ही होगा।
पाक दैनिक डॉन ने भारतीय उच्चायुक्त गौतम बम्बावले के हवाले से कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सुधारने के लिए व्यापार से बेहतर और कोई दूसरा रास्ता नहीं था।” बम्बावले ने हाल में लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही थी।
बम्बावले के बयान पर डॉन ने लिखा है, “यह बिल्कुल सही है, संयुक्त दक्षिण एशिया की मांग तत्काल अर्थपूर्ण भी है। लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार और यहां तक कि लोगों के बीच निजी संपर्क बढ़ाने के लिए संबंद्ध देशों की सरकारें क्या कर रही हैं? ज्यादा कुछ नहीं।”
अखबार ने उदाहरण पेश करते हुए कहा कि दूसरे देश जाने के लिए वीजा लेने में लोगों की प्रतिबद्धता और धैर्य की परीक्षा हो जाती है।
डॉन के अनुसार अगर पाकिस्तान में किसी को भारतीय वीजा लेना होता है तो उसे लंबी नौकरशाही प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। हालांकि लोग इस्लामाबाद जाने से बचने के लिए कोरियर सेवा के जरिए आवेदन करते हैं। लेकिन उन्हें भारतीय मेजबान से प्रायोजन पत्र भी लेना पड़ता है और दस्तावेजों की मोटी फाइल भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी पड़ती है। इसी तरह भारत से पाकिस्तान आने वालों को नई दिल्ली आकर पाकिस्तान उच्चायोग में आवेदन करना पड़ता है।
इन सबके बावजूद अगर कोई वीजा पाने में सफल हो जाता है तो सीमा पार करने के लिए परिवहन के सीमित साधन की समस्या का उन्हें सामना करना पड़ता है। सिंध और राजस्थान के बीच थार एक्सप्रेस दस वर्षो से चल रही है। लेकिन उसके लिए भी मूलभूत संरचना पर्याप्त नहीं हैं।
डॉन ने कहा, “दोनों देश वीजा देने की प्रक्रिया को सरल कर, सीमा पार जाने के लिए साधनों का विकल्प बढ़ाकर और कराची तथा मुंबई में उप उच्चायोग खोल कर आसानी से इस समस्या का हल कर सकते हैं।”
अखबार का मानना है कि एक बार जब दोनों देशों के लोग आपस में मिलने जुलने लगेंगे, एक दूसरे के साथ व्यापार और काम करेंगे तो पुरानी शत्रुता की जगह विश्वास और मित्रता पर आधारित संबंध बना सकेंगे।
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