हृदय रोग विशेषज्ञों ने यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के इंजीनियरों सहयोग से 3डी प्रिंटिग तकनीक से व्यक्तियों की धमनियों का मॉडल बनाने वाली इस विधि को विकसित किया है। इसमें उन्होंने जिस कैमरे का इस्तेमाल किया है वह मानव के बाल से भी अधिक महीन है लेकिन यह बहुत अधिक रिजोल्यूशन वाली तस्वीरों को उतार सकता है।
इस तकनीक से लिए गए तस्वीरों का सुपर कंप्यूटर विश्लेषण करता है और नक्शा तैयार करता है। इसके बाद डॉक्टरों के विशलेषण के लिए इसका त्रिआयामी मॉडल बनाया जाता है। यह मॉडल चिकित्सकों को प्रत्येक व्यक्ति की हृदय संरचना की नई जानकारी प्रदान करता है।
यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर पीटर बार्लिस ने गुरुवार को कहा, अपने अति-संवेदनशील हृदय स्कैन को सुपर कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न मॉडल के साथ जोड़कर हम रोगी की धमनियों के खंडो का मॉडल बनाने में सक्षम हो गए हैं।
उन्होंने बताया, किन्हीं दो धमनियों का आकार समान नहीं होता है, हम सभी की धमिनयां एक-दूसरे से भिन्न हैं।
ऑस्ट्रेलिया में हृदय रोग से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक होती है। इस शोध पर यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नई खोज हृदय रोग के विकसित होने के जोखिम तथा अन्य हृदय संबंधी समस्याओं के उपचार में मदद करेगी।
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