इस्लामाबाद, 26 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान का कहना है कि वह अफगानिस्तान की सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए तालिबान गुटों और अन्य समूहों को एक ही मंच पर लाने के लिए उनसे संपर्क कर रहा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका के अधिकारियों ने मार्च के पहले सप्ताह में अफगानिस्तान सरकार, तालिबान संगठन और हिज्ब-ए-इस्लामी संगठन के बीच सीधी वार्ता के लिए स्वीकृति दे दी है।
‘क्वाड्रिलेट्रल कोआर्डिनेशन ग्रुप’ (क्यूसीजी) की चौथी बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान इस वार्ता की मेजबानी करेगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद नफीस जकारिया ने गुरुवार को कहा, “तालिबान के सभी गुटों के अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रत्यक्ष शांति वार्ता के पहले दौर में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसका आयोजन इस्लामाबाद में मार्च के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है।”
इस बीच, तालिबान के प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि गुटों के आधिकारिक कार्यालय और शीर्ष नेताओं को फिलहाल इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी नहीं है।
वहीं, हिज्ब-ए-इस्लामी के राजनीतिक मामलों के प्रभारी गैरत बहीर ने कहा कि उनका संगठन इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
पाकिस्तान के प्रवक्ता ने कहा कि आम सहमति से इस बात का निर्णय ले लिया गया है कि क्यूसीजी के तहत होने वाली वार्ता पूर्व शर्तो के बिना होगी।
वहीं, जकारिया ने कहा, “क्यूसीजी का गठन करने वाले सभी चार देशों की जिम्मेदारी है कि वे इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और अफगान सरकार तथा तालिबान एवं अन्य संगठनों के बीच सीधा संवाद करें।”
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