लंदन, 4 मार्च (आईएएनएस)। जर्मनी की एक अदालत ने हम्बर्ग डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी के फैसले को पलटते हुए सोशल नेटवर्किं ग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फेसबुक को यह अनुमति दी है कि वह अपनी ‘असली नाम’ नीति के तहत प्रयोगकर्ताओं को नकली नाम का इस्तेमाल करने से रोके।
पिछले साल जुलाई में हम्बर्ग डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने फेसबुक को यह आदेश दिया था कि उसकी ‘असली नाम’ नीति से उपभोक्ताओं के निजता का हनन हो रहा है, इसलिए वह उपयोगकर्ताओं को नकली नाम के साथ वेबसाइट पर एकाउंट बनाने दे।
द गार्डियन में छपी खबर के मुताबिक हम्बर्ग की प्रशासकीय अदालत ने गुरुवार को कहा कि फेसबुक ने इस आदेश को लागू करने के लिए कोई समय सीमा नहीं दी गई है, क्योंकि उसका मुख्यालय आयरलैंड में है और केवल आईरिश कानूनों के तहत बाध्य है।
फेसबुक की ‘असली नाम’ नीति उसकी वेबसाइट की सबसे विवादास्पद नीतियों में से एक है।
टेक क्रंच रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने हाल में ही नाम के सत्यापन के लिए सरकारी दस्तावेज मांगने शुरू किए हैं जिसकी काफी आलोचना हो रही है। क्योंकि कई लोग सरकारी दस्तावेज में दर्ज नाम से भी इतर नाम को तरजीह देते हैं।
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