गाजा के चिड़ियाघर में दिल दहला देगा पिंजरों का मंजर

यह चिड़ियाघर खान यौनिस शहर का साउथ फोरेस्ट पार्क है। क्षेत्र में लगातार इजरायल के हमलों के चलते चिड़ियाघर के कर्मचारी-अधिकारी पिंजरों में बंद जानवरों को खाना नहीं खिला पाए, जिससे दर्जनों बेजुबान पशुओं की भूख से मौत हो गई।

बाघ, शेर, मगरमच्छ, बंदर और अन्य जानवर इन हमलों की भेंट चढ़ गए। उनके बेजान शरीर अभी भी पिंजरों व बाड़ों में पड़े हुए हैं।

यह चिड़ियाघर 2007 में मोहम्मद अवैदा ने खोला था। यह 2008 और 2014 में इजरायल की सेना की कार्रवाई की वजह से प्रभावित हुआ था। इन दोनों सालों में सैन्य कार्रवाई के चलते चिड़ियाघर के जानवरों की हालात बहुत बुरी हो गई थी।

मृत जानवरों का आंकड़ा बढ़ने की वजह से अवैदा ने उनके शरीरों व कंकालों को संरक्षित करने के बारे में सोचना शुरू किया और उनकी प्रदर्शनी लगाई।

उन्होंने कहा, “गाजा संघर्ष के बाद मृत जानवरों की ममी बनाने का विचार आया, क्योंकि शेर, बाघ, बंदर और मगरमच्छ जैसे कई जानवर मर चुके हैं।”

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