जेबर अंसारी ने आईएसएनए समाचार एजेंसी से कहा, “हाल के सैन्य अभ्यास के दौरान जितने भी लंबी, मध्यम व छोटी दूरी की मिसाइलों का प्रक्षेपण किया गया है। वे पारंपरिक और वैध रक्षा उपकरण हैं और इन्हें परमाणु हथियारों को ले जाने के लिए विकसित नहीं किया गया है।”
उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य व्यापक जनसंहार के किसी भी हथियार के खिलाफ है और तेहरान अंतर्राष्ट्रीय संधियों के अंतर्गत अपने मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखेगा और परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
बुधवार को ईरान ने कादर-एच और कादर-एफ नाम के मिसाइलों का प्रक्षेपण किया था जिसकी मारक क्षमता क्रमश: 1,700 किलोमीटर और 2,000 किलोमीटर है।
अमेरिका ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि हालांकि ईरान का बैलेस्टिक मिसाइल परमाणु हथियारों संबंधी कानूनों का उल्लंघन नहीं करता है, लेकिन यह मामला पश्चिम के चिंता का विषय है और इसे संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद में उठाया जा सकता है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि ईरान का बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं तो ईरान के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
dharmpath.com dharmpath