इससे पहले ईरान की मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि रूस से इस साल 18 फरवरी को मिसाइल प्रणाली की पहली खेप भेजने की उम्मीद की गई थी। रूसी पक्ष का कहना है कि भुगतान संबंधी मुद्दों के कारण इसे टालना पड़ा।
रूस और ईरान ने साल 2007 में 80 करोड़ डॉलर के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस को ईरान को पांच एस-300 मिसाइल प्रणालियों की आपूर्ति करनी है।
सितंबर 2010 में तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुपालन में यह अनुबंध रद्द कर दिया था। परिषद के प्रस्ताव के तहत ईरान से इस प्रकार के अनुबंध प्रतिबंधित थे।
इसके बाद अप्रैल 2015 में व्लादिमिर पुतिन ने ईरान द्वारा रूस के खिलाफ मुकदमा वापस लेने पर यह प्रतिबंध हटा दिया था।
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