वांग ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात के बाद एक प्रेस वार्ता में कहा, “संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के संकल्प 2270 का पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। इसमें एक तरफ तो उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि उसके नागरिकों तक मानवीय सहायता मिलने में रुकावट नहीं आनी चाहिए।”
वांग ने कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई से बचना चाहिए जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ता हो और उन्होंने छह पक्षों की वार्ता को शुरू करने के प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों के लिए प्रतिबद्धताओं में से एक है और संकल्प में भी इसका प्रमुखता से उल्लेख है।
वांग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। अगर इससे इतर कोई कार्रवाई बिना सुरक्षा परिषद की अनुमति के होती है तो उससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।
अमेरिका द्वारा दक्षिण कोरिया में उन्नत मिसाइलरोधी प्रणाली ‘थाड’ की तैनाती की संभावना को लेकर दोनों विदेश मंत्रियों ने कहा कि यह इस क्षेत्र की रक्षा जरूरतों से परे होगा। उनका मानना है कि ‘थाड’ की तैनाती से यहां क्षेत्रीय सामरिक संतुलन बिगड़ेगा और हथियारों की नई होड़ शुरू हो जाएगी।
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