लाहौर, 13 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तानी डिजाइनर, नृत्य निर्देशक और टीवी शो होस्ट करने वाले हसन शहरयार यासीन (एचएसवाई) का मानना है कि उनके देश के लोगों ने अपनी पहचान के महत्व को समझ लिया है।
हसन शहरयार यासीन ने यहां शनिवार को पाकिस्तान फैशन एंड डिजाइन काउंसिल के फैशन वीक के मौके पर आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने अब केवल फैशन ही नहीं, बल्कि अपनी पहचान का महत्व भी समझ लिया है।”
अपने संग्रह ‘बी योरसेल्फ’ में मौजूद निजता की भावना के बारे में यासीन ने कहा, “मैं चाहता हूं कि सभी स्त्रियों की ऐसी ही सोच हो। आप पुरुष हों या महिला, आपकी अपनी पहचान होनी चाहिए और आपमें ऐसा करने का साहस होना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “मैं ऐसा संग्रह पेश करना चाहता था जिसमें सभी चीजों का थोड़ा-थोड़ा समावेश हो। आपको खुद को वैसे ही परिभाषित करना चाहिए जैसा आप चाहते हैं। हर व्यक्ति खूबसूरत है। किसी को भी किसी खास बंधे बंधाए चलन पर चलने की जरूरत नहीं है।”
यासीन के संग्रह में सूती, शिफॉन, ऑरगेंजा और सिल्क कपड़ों में क्रॉप्ड जैकेट्स, पुरुषों के लिए सफारी सूट, ट्यूनिक और बूट कट ट्राउजर्स शामिल थे।
भारत और पाकिस्तान के फैशन उद्योगों की तुलना के बारे में उन्होंने कहा, “हम बेहद समान हैं, लेकिन साथ ही हम बेहद अलग भी हैं।”
यासीन ने आईएएनएस से कहा, “हमारे बीच सामाजिक आर्थिक भिन्नताएं हैं। हमारी रंगों की समझ और स्टाइल की समझ भी काफी अलग है। मैं भारतीय डिजाइनरों के काम का सम्मान करता हूं, लेकिन साथ ही मुझे हमारा काम भी पसंद है।”
एचएसवाई टॉक शो ‘टुनाइट विद एचएसवाई’ की मेजबानी भी करते हैं।
लोगों से जुड़ाव के बारे में उन्होंने कहा, “मैं अपने फैशन, अपने टॉक शो और अपने परोपकारी कामों के माध्यम से लोगों से जुड़ा रहता हूं। मैं शिक्षा, नेत्र और कैंसर अस्पतालों के लिए भी काम करता हूं। इस प्रकार मैं निरंतर लोगों से जुड़ा रहता हूं।”
उन्होंने कहा, “इसके अलावा हम 20 से भी ज्यादा गांवों के साथ उनकी स्थानीय कशीदाकारी और शिल्प के लिए काम कर रहे हैं, जहां हमने महिलाओं को आर्थिक मदद के जरिए अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद करके सशक्त बनाया है।”
उन्होंने कहा, “मैं इस शिल्प को देश में वापस लाना चाहता हूं। जब हमारे पास कारीगर हैं, तो हम मशीनों की कढ़ाई क्यों करवाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक विरासत को फिर से सामने लाना चाहिए। जो पाकिस्तान के पास है, वह अन्य देशों के पास नहीं है और जो अन्य देशों के पास है वह पाकिस्तान के पास नहीं है। हमें उस पर ध्यान देना चाहिए जो हम कर रहे हैं क्योंकि यही विशिष्टता हमें अनूठा बनाती है।
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