वर्तमान में जीने से कार्यालय में भी बढ़ती है उत्पादकता

न्यूयार्क, 14 मार्च (आईएएनएस)। वर्तमान क्षण में जीने से सिर्फ हमारा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ही बेहतर नहीं होता, बल्कि कार्यालय में भी उत्पादकता बढ़ती है। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई और इसमें यह सलाह भी दी गई कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए माइंडफुलनेस (सजगता) सत्र आयोजित करते रहने चाहिए।

शोध टीम ने कहा कि माइंडफुलनेस को एक उपयोगी प्रबंधन प्रणाली के तौर पर देखा जाता है, जो कार्यालय में एक नई ऊर्जा का संचार करता है। कंपनियों में माइंडफुलनेस की संस्कृति को बढ़ावा देने से महत्वपूर्ण काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता तो बढ़ती ही है, तनाव से निपटने और पारस्परिक सहयोग के साथ काम करने की क्षमता भी बढ़ती है।

माइंडफुलनेस से कामकाजी जीवन के साथ समग्र जीवन के कार्यकलाप में सुधार आता है।

अमेरिका के केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के क्रिस्टोफर लिड्डी ने कहा, “ऐतिहासिक रूप से कंपनियां माइंडफुलनेस प्रशिक्षण पेश करने में अधिक उत्साह नहीं दिखाती रही हैं, क्योंकि इसे कम प्रभावी, आम लोगों के लिए अरुचिकर तथा आध्यात्मिक बातों के तौर पर देखा जाता रहा है। इस स्थिति में हालांकि बदलाव आ रहा है।”

लिड्डी ने कहा, “जब आप सजग होते हैं, तब आप वर्तमान स्थिति के प्रति पूरी तरह चैतन्य होते हैं। यह किसी भी अधिकारी या प्रबंधक के लिए जरूरी है, क्योंकि उन्हें एक ही समय में कई समस्याओं पर ध्यान देना पड़ सकता है, जिसके कारण उन्हें तनाव में रहते हुए फैसला लेना पड़ सकता है।”

शोध पत्रिका जर्नल ऑफ मैनेजमेंट में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि गूगल, एटना और मायो क्लिनिक और युनाइटेड स्टेट्स मैराइन कॉर्प्स जैसी विश्व विख्यात कंपनियां कार्यालय में कामकाज का स्तर बेहतर करने के लिए माइंडफुलनेस प्रशिक्षण का उपयोग करती रही हैं।

इस अध्ययन के तहत शोधार्थियों ने लोगों के सोचने, महसूस करने, काम करने और संबंध तय करने के तरीके पर माइंडफुलनेस के प्रभाव को समझने के लिए इस विषय के विविध पहलुओं पर 4,000 वैज्ञानिक दस्तावेजों का विश्लेषण किया।

प्रबंधन क्षेत्र में भी कार्यालय के कामकाज में सुधार के लिए माइंडफुलनेस का महत्व बढ़ता जा रहा है।

अध्ययन में इस बात का सबूत हासिल किया गया है कि माइंडफुलनेस के अभ्यास से ध्यान लगाने, विचार करने, भावना, व्यवहार और मनोस्थिति में सुधार आता है।

माइंडफुलनेस का प्रशिक्षण पूरा करने वाले लोगों को देखने और सुनने के काम में अधिक समय तक सचेत पाया गया।

शोध रिपोर्ट के मुताबिक, माइंडफुलनेस हालांकि एक व्यक्तिगत गुण होता है, फिर भी शुरुआती प्रमाणों से पता चलता है कि यह आपसी व्यवहार और कार्यसमूहों के संबंधों में सुधार लाता है।

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