लंदन, 14 मार्च (आईएएनएस)। मंगल पर जीवन के लक्षण ढूंढने के लिए यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) और रसियन फेडरल स्पेस एजेंसी (रॉस्कॉसमॉस) ने सोमवार को एक रोबोटिक प्रोब को रवाना किया।
ईएसए-रॉस्कॉसमॉस के इस मिशन का नाम ‘एक्सोमार्स 2016’ रखा गया है और इस प्रोब को ले जानेवाले रॉकेट को कजाकिस्तान के बैइकोनूर कोस्मोड्राम से स्थानीयसमयानुसार 3 बजे छोड़ा गया। इसके साथ ही रूसी प्रोटॉन रॉकेट की लाल ग्रह की सात महीने लंबी यात्रा शुरू हो गई।
ईएसए ने एक बयान जारी कर कहा, “यह पिछले कुछ सालों के दौरान शुरू किए गए जटिल अभियानों में मील का पत्थर साबित होगा। क्योंकि हो सकता है कि हम लाल ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढने में सफल हो जाएं।”
इस अभियान में दो उपकरण शामिल है पहला ट्रेस गैस ऑरबिटर (टीजीओ) और दूसरा स्चियापारेल्ली जो एक लैंडिग उपकरण है।
टीजीओ जहां मंगल के वातावरण की गैसों का विस्तृत छानबीन करेगा खासतौर से मीथेन जैसी गैसों का, क्योंकि इससे पता चलेगा कि वहां कोई जीवन है।
इस दौरान स्चियापारेल्ली लैंडर भविष्य में मंगल अभियान की तैयारियों के लिए वहां नियंत्रित लैंडिंग के लिए कई सारी तकनीकों का प्रदर्शन करेगा।
अंतरिक्ष में सात महीने की यात्रा के बाद यह स्चियापारेल्ली लैंडर टीजीओ से 16 अक्टूबर को अलग होकर 19 अक्टूबर को मंगल की सतह पर कई दिनों की गतिविधियां संचालित करने के लिए उतरेगा।
यह वहां जीवन की छानबीन के अलावा अगले ‘एक्सोमार्समिशन’ के लिए आंकड़े प्रदान करने का काम भी करेगा।
dharmpath.com dharmpath