उन्होंने कहा कि रूस ने बड़े स्तर पर अपने लक्ष्यों को हासिल कर लिया है।
पुतिन ने सोमवार रात क्रेमलिन में एक बैठक के दौरान कहा, “मैं मानता हूं कि यह मिशन रक्षा मंत्रालय और सशस्त्रबलों के लिए था और यह कुल मिलाकर पूरा हो चुका है।”
उन्होंने कहा, “मैं इसलिए रक्षा मंत्रालय को आदेश दे रहा हूं कि वह सीरिया के मुख्य हिस्से से मंगलवार से लौटना शुरू कर दे।”
रूस ने पिछले साल सितंबर में सीरिया में हवाई हमले शुरू किए थे।
पुतिन का बयान सोमवार को जेनेवा में शुरू हुई शांति वार्ता के बीच आया है। इस शांति वार्ता का आयोजन पांच वर्षो से चल रहे सीरियाई संकट को सुलझाने के लिए किया जा रहा है।
पुतिन का कहना है कि लटाकिया प्रांत में रूस का मेमिम सैन्यअड्डा और टार्टस में स्थित इसका भूमध्य नौसेना अड्डा पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जमीन, वायु और समुद्र से दोनों की रक्षा की जानी चाहिए।
रूस के इस कदम का अमेरिका और सीरिया के विपक्षी दलों ने स्वागत किया है।
अमेरिका के अधिकारियों ने कहा कि पुतिन का बयान अमेरिका के लिए कोई अग्रिम चेतावनी नहीं है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट ने कहा, “हमें यह देखना होगा कि रूस की मंशा क्या है।”
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