न्यूयार्क, 25 मार्च (आईएएनएस)। मलेरिया से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है, जो मच्छर के काटने से फैलता है। लेकिन इस बीमारी की शुरुआत सबसे पहले पक्षियों में हुई थी। एक नए शोध से यह जानकारी मिली है।
मलेरिया से हर साल 50 करोड़ लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन इससे पीड़ित होने वाले हम अकेले नहीं है। पक्षियों, चमगादड़डों और अन्य जानवरों को भी यह बीमारी होती है।
हालांकि पक्षियों और जानवरों से यह बीमारी मनुष्यों में नहीं फैलती है।
शोध प्रमुख और न्यूयार्क के कॉरनैल विश्वविद्यालय के शोधकर्ता होली लुट्स का कहना है, “मनुष्य में मलेरिया कैसे फैला यह हम तब तक नहीं समझ सकते जब तक हम यह न समझ लें कि मलेरिया कैसे फैला। अगर हम इसके अतीत को समझ लेते हैं तो हम मनुष्यों पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को भी बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।”
यह शोध मोलेक्यूलर फाइलोजेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन में प्रकाशित हुआ है।
शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने पूर्वी अफ्रीका के हजारों पक्षियों, चमगादड़ों और छोटे जानवरों के खून में मलेरिया के परजीवी का अध्ययन किया।
इस अध्ययन से पता चला कि मलेरिया रोग की उत्पत्ति चिड़ियों से हुई है। चिड़ियों से यह चमगादड़ों में फैला और उसके बाद दूसरे जानवरों में।
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