वाश्िंागटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। लाहौर और ब्रसेल्स में हुए आतंकवादी हमले के साये में हो रहे परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यहां आने वाले हैं। इससे पहले अमेरिका ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा बनाने की बात कही है।
वाश्िंागटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। लाहौर और ब्रसेल्स में हुए आतंकवादी हमले के साये में हो रहे परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यहां आने वाले हैं। इससे पहले अमेरिका ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा बनाने की बात कही है।
चौथा परमाणु सुरक्षा सम्मेलन यहां 31 मार्च और पहली अप्रैल को होने जा रहा है। इसमें भारत समेत 50 देशों के नेता शामिल होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य परमाणु हथियारों को आतंकवादियों तथा अन्य ‘नान स्टेट एक्टर्स’ के हाथ लगने से रोकना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां मंगलवार को कहा कि अमेरिका मोदी की उपस्थिति को “एक अवसर के रूप में देख रहे हैं जहां भारत द्वारा उसकी अपनी परमाणु सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों को चिन्हित किया जा सकता है।”
राष्ट्रपति की विशेष सहायक लॉरा होलगेट ने सम्मेलन से पहले विदेशी मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम सचमुच भारत के साथ इस सम्मेलन से आगे बढ़कर गहरा द्विपक्षीय संबंध देखना चाहते हैं।”
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की वीपन ऑफ मास डिस्ट्रक्सन टेरेरिज्म एंड थ्रेट रिडक्शन की वरिष्ठ निदेशक ने कहा, “इसलिए मैं उम्मीद करती हूं कि हम साथ मिल कर काम कर सकते हैं।”
यह पूछे जाने पर कि अमेरिका आने वाले दिनों में भारत द्वारा अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाते देखना चाहता है, होलगेट ने कहा, “यह भारत खुद तय करेगा। यह हम चिन्हित नहीं कर सकते कि उन्हें क्या कदम उठाना चाहिए।”
मोदी की पिछले दो सालो में यह तीसरी अमेरिका यात्रा होगी जो भारत-अमेरिका संबंधों में आए बदलाव को दर्शाती है। उम्मीद है कि परमाणु सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति ओबामा के साथ मोदी की द्विपक्षीय बातचीत भी होगी।
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