प्रशासन के मुताबिक, नई सार्वजनिक इमारतें, आवासीय समुदाय और औद्योगिक पार्क वर्षा के जल का उपयोग करने के लिए छत पर बगीचे बनाएंगे। इसके साथ ही सफाई और रिसाइकलिंग सुविधाएं भी लगाई जाएगी। मौजूदा अवजल निकासी प्रणाली को उन्नत किया जाएगा।
सूखे के दिनों में सिंचाई के लिए झीलों, फिल्टरेशन पूल और सार्वजनिक स्थलों में जल संग्रह किया जाएगा। इस परियोजना के तहत 2020 तक शहर का 20 प्रतिशत हिस्सा स्पंजी हो जाएगा और 2030 तक शेष 80 प्रतिशत हिस्सा भी स्पंजी शहर के मानक को पूरा करने लगेगा।
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