इस्लामाबाद, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक समाचार पत्र ने कहा है कि परमाणु सामग्री के विकास के पाकिस्तान के फैसले पर भारत को सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उसका खुद का परमाणु कार्यक्रम अत्यधिक महत्वाकांक्षी है।
समाचार पत्र ‘द नेशन’ ने ‘सेफ एंड सिक्योर’ नामक संपादकीय में भारत के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के समर्थन की आलोचना भी की, जिसके बारे में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातक देशों में से एक है।
लेख के मुताबिक, परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के मद्देनजर, वाशिंगटन में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी के बीच वार्ता के दौरान पाकिस्तान के परमाणु जखीरे की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठा है।
संपादकीय में कहा गया है कि डोभाल के साथ बातचीत के दौरान केरी ने संकेत दिया है कि भारत तथा अमेरिका ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर बातचीत शुरू कर दी है और केरी ने भारत द्वारा अपने परमाणु हथियारों के जिम्मेदार प्रबंधन के लिए उसकी सराहना की।
इस बात पर जोर दिया गया है कि दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध का पालन कर रहा है। जिन परमाणु हथियारों की तैनाती के बारे में केरी ने जिक्र किया है, उसकी तैनाती का फैसला वर्तमान खतरे के मद्देनजर किया गया है।
लेख के मुताबिक, “यह बेहद बुद्धिमत्ता पूर्ण फैसला होगा कि अमेरिका इस मंच का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच तनाव दूर करने के लिए करे।”
द नेशन ने कहा है, “पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित है और एक भी सुरक्षा चूक नहीं हुआ है, जबकि भारत में परमाणु दुर्घटना के पांच मामले सामने आ चुके हैं।”
लेख के मुताबिक, “परमाणु सामग्री के विकास के पाकिस्तान के फैसले पर भारत को सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उनका अपना परमाणु कार्यक्रम बेहद महत्वाकांक्षी है और वह जखीरे में लगातार वृद्धि कर रहा है। शंकालु पाकिस्तान की तुलना में अमेरिका द्वारा अपने साथी भारत के समर्थन की बात समझी जा सकती है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में एक है। लेकिन यह बात तय है कि पाकिस्तान वह देश है, जिसे अपने परमाणु कार्यक्रम पर नाज है और अपनी इस संपत्ति का वह फायदा उठाएगा।”
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