इस्लामाबाद, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने इस बात को दोहराया है कि पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करने के लिए भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के साथ ईरान की मिलीभगत नहीं है।
खान ने यहां शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारतीय खुफिया तंत्र की गतिविधियों से ईरान का कोई लेना-देना नहीं है। भारतीय जासूस की गिरफ्तारी और ईरान के साथ उसके संबंध को लेकर अफवाहों पर अब विराम लग जाना चाहिए।”
समाचार पत्र ‘डेली टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग में यह धारणा है कि पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नकारात्मक गतिविधियों में ईरान शामिल है।
चौधरी निसार अली खान ने कहा कि कुछ तत्व दोनों देशों के सकारात्मक और ऐतिहासिक भाईचारे के रिश्ते को नुकसान पहुंचा कर दोनों के बीच गलतफहमियां पैदा करना चाहते हैं।
निसार अली खान ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को भारतीय जासूस की गिरफ्तारी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं मीडिया से आग्रह करता हूं कि यह धारणा कायम न करे कि ईरान, पाकिस्तान में रॉ की गतिविधियों में मदद कर रहा है। पाकिस्तान और ईरान के बीच दशकों से धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध हैं और कुछ भी हमारे रिश्तों के बीच नहीं आ सकता।”
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ रॉ एजेंट की गिरफ्तारी पर बात की थी।
सेना प्रमुख ने रूहानी से कहा था, “एक चिंता यह है कि रॉ पाकिस्तान और खासतौर पर बलूचिस्तान में गतिविधियां कर रहा है। इसके लिए वह कई बार मित्र देश ईरान की धरती का भी इस्तेमाल करता है।”
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (आईएसपीआर) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, सेना प्रमुख ने बैठक के बाद कहा, “मैं आग्रह करता हूं कि उन्हें ये गतिविधियां रोकने को कहा जाना चाहिए और पाकिस्तान को स्थिरता कायम करने देना चाहिए।”
हालांकि, राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात से इनकार किया था कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ उनकी बैठक में पाकिस्तान में भारतीय खुफिया विभाग की गतिविधियों पर चर्चा की गई थी।
उन्होंने कहा था, “ईरान जब भी पाकिस्तान के करीब आता है, ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं।”
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