न्यूयार्क, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। क्या आपने कभी सोचा है कि शिशु किसी भी चीज को कैसे इतनी जल्दी सीख लेते हैं। उनके सीखने की क्षमता बड़ों से तेज क्यूं होती है? वैज्ञानिकों का कहना है कि शिशु द्वारा देखे जाने वाले दृश्यों को उनका मस्तिष्क बखूबी समझता है, और इसके पीछे मस्तिष्क का मोटर तंत्र जिम्मेदार होता है।
वैज्ञानिकों को पहली बार मोटर तंत्र की तंत्रिका प्रतिक्रियाओं का शिशुओं के सामाजिक व्यवहार के बीच सीधा संबंध मिला है।
शोधार्थियों के अनुसार, शिशु जो भी देखते हैं, उसे समझते हैं। यह उनके और उस वस्तु के बीच का सीधा संबंध होता है। वह अन्य लोगों द्वारा की जा रही गतिविधियों को समझते और सीखते हैं। ये क्षमताएं अक्सर विकलांग या ऑटज्मि पीड़ितों में बाधित होती हैं।
शोध के निष्कर्षो में बताया गया है कि दूसरों की गतिविधियों को देखकर उनके अनुसार व्यवहार करने में शिशु का मोटर तंत्र अहम भूमिका निभाता है।
अमेरिका की शिकागो युनिवर्सिटी से इस अध्ययन की मुख्य लेखिका कर्टनी फिलिपी ने बताया, “हमारा शोध इस बात का प्रारंभिक सबूत देता है कि मोटर तंत्र प्राकृतिक रूप से शिशु के सीखने वाले व्यवहार से संबंधित होता है।”
यह शोध ‘साइकोलॉजिकल साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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