उत्तराखंड बाढ़: ‘टल सकती थी उत्तराखंड की तबाही’

2013_6image_10_21_487017656uk-llभोपाल: भाजपा उपाध्यक्ष उमा भारती ने कहा है कि उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ की वजह से मची तबाही मानवीय भूलों का नतीजा है और इसे कुछ उपाय करके टाला जा सकता था।

उमा ने आज यहांएक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में जो तबाही मची उसे रोका तो नहीं जा सकता था, लेकिन अगर समय रहते कुछ उपाय कर लिए जाते तो लोगों की कीमती जानें जरूर बचाई जा सकती थीं।’’

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 14 जून को बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो अगले तीन दिन तक जारी रहा। इस दौरान इतना पानी गिरा कि केदारनाथ धाम के उपर स्थित गांधी सरोवर पानी से लबालब भर गया और उससे पानी बह निकला। उमा का कहना है कि यदि बारिश शुरू होने के बाद खतरे को भांपकर समय रहते कदम उठाए जाते और तीर्थयात्रियों को केदारनाथ एवं अन्य धार्मिक स्थलों से इन तीन दिनों में सुरक्षित निकाल लिया जाता, तो बड़ी तादाद में मौतें टाली जा सकती थीं।

साध्वी उमा ने कहा कि उत्तराखण्ड के श्रीनगर में पनबिजली परियोजना निर्माण के लिए प्राचीन एवं ऐतिहासिक धारी माता मंदिर विस्थापित किया जाना था और मंदिर से तीन दिन पहले ही धारी माता की मूर्ति हटाई गई थी, जिसके बाद इस पर्वतीय राज्य में प्रलय जैसी स्थिति निर्मित हुई।

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