ब्रासीलिया, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव को संसद के निचले सदन से मिली मंजूरी पर घोर निराशा जताते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने इसे ‘धोखा’ करार दिया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, संसद के निचले सदन ‘चैम्बर ऑप डेप्यूटीज’ में रविवार रात महाभियोग के पक्ष में पड़े वोट के बाद सोमवार को पहली बार दिए अपने भाषण में डिल्मा ने कहा, “यह किसी अंत की शुरुआत नहीं है। हमें एक लंबी लड़ाई शुरू करने जा रहे हैं।”
ब्राजील की नेशनल कांग्रेस के 513 सदस्यीय निचले सदन ‘चैम्बर ऑफ डेप्यूटीज’ में रविवार रात हुए मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 342 वोट पड़े, जबकि 130 प्रतिनिधियों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
डिल्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को अब उच्च सदन सीनेट भेजा जाएगा। यदि यह वहां से भी पारित हो जाता है तो उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए उन्हें 180 दिनों तक पद से हटना होगा और सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखना होगा। इस बीच, उनका स्थान उपराष्ट्रपति मिशेल टेमर लेंगे।
रोसेफ ने कहा, “वे मेरे सपनों और अधिकारों का हनन कर रहे हैं, लेकिन वे मुझे हरा नहीं सकते। लोकतंत्र हमेशा सही इतिहास के पक्ष में रहता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह केवल मुझे मिले जनादेश की लड़ाई नहीं है। मैं उन 5.4 करोड़ मतों के लिए भी लडूंगी, जो मुझे मिले।”
ब्राजील के सांसदों ने डिल्मा पर 2014 में फिर से चुनाव जीतने के लिए बजटीय घाटा छिपाने का आरोप लगाया। विपक्षियों ने ब्राजील में जारी आर्थिक संकट के लिए भी उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। उन्हें वर्कर्स पार्टी तथा गठबंधन सरकार के कई राजनेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर ली गई रिश्वत और भ्रष्टाचार के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
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