लंदन, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। लंदन स्थित भारतीय राजनयिक अमिताभ बनर्जी को यहां साइप्रस उच्चायोग में आयोजित एक समरोह में साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान ‘कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया।
बनर्जी को एक बार भारत का भावी विदेश सचिव माना जा रहा था, लेकिन 1990 में उन्हें भारतीय विदेश सेवा से तीन साल के लिए राष्ट्रमंडल सचिवालय भेज दिया गया। लेकिन उन्होंने वहां 25 वर्षो तक अपनी सेवाएं दी। अपने कार्यकाल के अंतिम छह वर्षो में राजनीतिक निदेशक जैसे प्रमुख पद पर भी रहे।
साइप्रस के विदेशमंत्री आयोनिस केसोलाइड्स ने मंगलवार रात पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा, “विगत 25 वर्षो में राष्ट्रमंडल सचिवालय में काम करने वाले राजनयिकों में संगठन पर प्रभाव छोड़ने वालों का अगर कोई सर्वेक्षण किया जाएगा तो मेरा अनुमान है कि अमिताभ का नाम अगर शीर्ष पर नहीं तो क्रम में ऊपर जरूर होगा।”
उन्होंने कहा, “सचमुच अमिताभ राष्ट्रमंडल के सिद्धान्तों और मूल्यों की अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसे उन्होंने विगत 25 वर्षो में हमारे संबद्ध देशों में प्रोत्साहित और सुरक्षित रखने का प्रयत्न किया।”
केसोलाइड्स ने कहा कि साइप्रस गणराज्य के द ऑर्डर ऑफ द मेरिट सम्मान का हकदार अमिताभ से अधिक कोई नहीं है।
भारत सहित 53 सदस्यीय साष्ट्रमंडल संयुक्त राष्ट्र के बाद सबसे बड़ा संघ है।
बनर्जी को राष्ट्रमंडल हरारे घोषणा, मिल ब्रुक कार्य योजना और राष्ट्रमंडल चार्टर बनाने का श्रेय दिया जाता है।
अमिताभ राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की 12 बैठकों के आयोजन से जुड़े रहे हैं, जिसमें एक बैठक 1993 में साइप्रस में भी हुई थी।
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