ढाका, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेशी पुलिस को संदेह है कि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर की हत्या में इस्लामी कट्टरपंथियों का हाथ है। प्रोफेसर की शनिवार पूर्वाह्न् गला रेत कर हत्या कर दी गई।
ढाका, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेशी पुलिस को संदेह है कि विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर की हत्या में इस्लामी कट्टरपंथियों का हाथ है। प्रोफेसर की शनिवार पूर्वाह्न् गला रेत कर हत्या कर दी गई।
वेबसाइट ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ के अनुसार, पुलिस ने कहा कि राजशाही विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर रेजाउल करीम सिद्दीकी पर उनके निवास के पास मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया।
राजशाही पुलिस प्रमुख समसुद्दीन ने बताया, “प्रोफेसर रेजाउल (सिद्दीकी) भी उसी तरह मारा गया जैसे ब्लॉगर और कार्यकर्ता मारे गए थे। इससे संदेह जाता है कि इसमें कट्टरपंथियों की संलिप्तता है।”
पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर सिद्दीकी विश्वविद्यालय परिसर जाने के लिए एक बस पकड़ने जा रहे थे। तभी उन पर हमला किया गया।
अंग्रेजी विभाग के शिक्षक सिद्दीकी लेखक भी थे, और कई सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े हुए थे।
हत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।
उनके भाई साजिदउल करीम ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इससे पहले प्रोफेसर को किसी ने कोई धमकी दी थी।
हत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
हाल ही में ब्लॉगर्स और ऑनलाइन कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विदेशियों की हत्या भी कुछ इसी तरह हुई, जिसमें धारधार हथियार से उनके गले और सिर पर हमला किया गया।
इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने कथित तौर पर दो विदेशियों की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
भारतीय उपमहाद्वीप (एक्यूआईएस) में अल-कायदा आतंकवादी समूह ने कथित तौर पर ब्लॉगर्स की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि हत्या के पीछे स्थानीय इस्लामी कट्टरपंथी थे।
गौरतलब है कि दो साल पहले राजशाही विश्वविद्यालय के एक शिक्षक शफीउल इस्लाम की भी इसी तरह हत्या कर दी गई थी।
यद्यपि शफीउल की हत्या की जिम्मेदारी इस्लामी कट्टरपंथियों ने ली थी, लेकिन बाद में पुलिस ने यह कहते हुए इस दावे को खारिज कर दिया था कि यह हत्याकांड व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम था।
इसके अलावा शिया, सूफी और अहमदी मुसलमानों, ईसाइयों और हिंदुओं सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों के सदस्यों पर भी हमले हुए हैं।
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