ज्यूरिख, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था फीफा ने अपने निलंबित उपाध्यक्ष माइकल प्लातिनी पर से भ्रष्टाचार के सभी आरापों को हटाने की खबरों का खंडन किया है।
फीफा की आचरण समिति के प्रवक्ता मार्क टेनबुएकेन ने मंगलवार कहा, “रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। प्लातिनी के मामले में निर्णयाक समिति के फैसले में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।”
इससे पहले इटली की समाचार एजेंसी एनएसए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि आचरण समिति ने प्लातिनी पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों को वापस ले लिया है।
पिछले साल अक्टूबर में प्लातिनी और फीफा के पूर्व अध्यक्ष सैप ब्लाटर को भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के चलते 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
ब्लाटर पर फरवरी 2011 में प्लातिनी को 20,55,318 डालर गैरकानूनी ढंग से देने का आरोप है।
आचरण समिति ने इस मामले की सुनवाई 17 और 18 दिसंबर को की थी और 21 दिसंबर को फैसला सुनाते हुए दोनों को आठ साल के लिए फुटबाल में किसी भी तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने से निलंबित कर दिया था।
इसी साल दो मार्च को फीफा की अपील समिति ने दोनों के प्रतिंबध को आठ साल से घटा कर छह साल कर दिया था।
अपील समिति के फैसले के बाद प्लातिनी और ब्लाटर ने खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) का दरवाजा खटखटाया था।
सीएएस ने मामले की सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की है।
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