ऐगलैंड ने यहां गुरुवार को साप्ताहिक मानवीय टास्क फोर्स बैठक के बाद कहा, “खतरा इसलिए इतना ज्यादा है, क्योंकि कई नागरिकों की जिंदगी दांव पर है। कई मानवीय स्वास्थ्य एवं राहत कार्यकर्ता पर बम बरसाए गए हैं, उनकी जान गई है और वे घायल हुए हैं और यह सब उस पल हो रहा है, जब लाखों नागरिकों की जिंदगी दांव पर है।”
ऐगलैंड ने चेताया कि अगर अलेप्पो व होम्स जैसी जगहों पर लगतार इस कद्र हिंसा जारी रही, तो इस साल की शुरुआत से जारी मानवीय प्रगति को नुकसान पहुंच सकता है।
आज की तारीख में अंतर-एजेंसी अभियानों के जरिए उन 778,175 नागरिकों को बहु-क्षेत्रीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है, जो दुर्गम व घेराबंदी वाले इलाकों में रह रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath