तेहरान, 30 अप्रैल (आईएएनएस/सिन्हुआ)। ईरान में संसदीय चुनाव के दूसरे चरण में राष्ट्रपति हसन रूहानी का समर्थन कर रहे सुधारवादी और नरमपंथी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कराई है। इस चरण की कुल 68 सीटों में से उन्हें 37 पर जीत हासिल हुई है।
तेहरान, 30 अप्रैल (आईएएनएस/सिन्हुआ)। ईरान में संसदीय चुनाव के दूसरे चरण में राष्ट्रपति हसन रूहानी का समर्थन कर रहे सुधारवादी और नरमपंथी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कराई है। इस चरण की कुल 68 सीटों में से उन्हें 37 पर जीत हासिल हुई है।
इस चरण के चुनाव परिणामों की शनिवार को घोषणा हुई, और इनमें से कुछ क्षेत्रों के परिणाम अभी तात्कालिक हैं। इनमें से 22 सीटें रुढ़िवादी सिद्धांतवादियों को मिली हैं। शेष सीटें स्वतंत्र सांसदों के खाते में गई हैं। दूसरे चरण का मतदान शुक्रवार को हुआ था।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने इन परिणामों के साथ संकेत दिया है कि इस्लामिक लेजिस्लेटिव एसेंबली या ‘मजलिस’ में 134 सुधारवादी सांसदों के अलावा करीब 155 सिद्धांतवादी या स्वतंत्र सांसद होंगे।
यह आंकड़ा हर तरह से सुधारवादियों की सफलता की कहानी बयां करता है, खासकर फरवरी में हुए पहले चरण के चुनाव परिणाम को देखते हुए। उस समय चुनाव में उन्होंने तेहरान में जबर्रदस्त जीत हासिल की थी। तेहरान ईरान का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र है। उनका एक मात्र मकसद सिद्धांतवादियों को पूर्ण बहुमत पाने से रोकना था।
ताजा चुनाव परिणामों के साथ ईरान की राजनीति में कोई भी वर्ग अपना कानून थोपने में सक्षम नहीं होगा और उसे अनिवार्य रूप से अन्य दलों का सहयोग लेना होगा।
इसके अलावा किसी भी प्रमुख कानून को पारित होने के लिए कम से कम सदन में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी। इस तरह कानून बनाना आम सहमति का मामला होगा।
इससे पहले की संसद में मात्र नौ सुधारवादी सांसद थे।
ईरान में दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ था। 26 फरवरी के बाद दूसरे चरण में 68 सीटों के लिए 136 प्रत्याशी मैदान में थे।
ये चुनाव 21 प्रांतों के 55 संसदीय क्षेत्रों में हुए थे। इनमें से अधिकतर कम आबादी वाले ग्रामीण इलाकों में हुए थे। इनमें 1.7 करोड़ ईरानी मतदान के पात्र थे। यह संख्या मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के आधे से भी कम है।
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