इस्लामाबाद, 8 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज चौधरी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जारी युद्ध के लिए देश को एफ-16 लड़ाकू विमानों की जरूरत है, लेकिन इन विमानों की बिक्री से जुड़ी अमेरिका की शर्ते मंजूर नहीं की जा सकतीं।
डॉन ऑनलान के मुताबिक, शनिवार को इस्लामाबाद में विदेश सचिव ऐजाज ने पत्रकारों, कार्पोरेट जगत के दिग्गजों और विद्वानों के साथ बैठक में यह बयान दिया।
ऐजाज ने कहा कि एफ-16 की बिक्री से कोई भी शर्त जुड़ी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान की योजना इन लड़ाकू विमानों को केवल आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल करने की है।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इसी सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान अगर एफ-16 लड़ाकू विमानों को खरीदना चाहता है, तो उसे इसके लिए अपनी निधियों का इस्तेमाल करना होगा।
दरअसल, पाकिस्तान को हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर करने खातिर अमेरिकी कांग्रेस ने इस सौदे के लिए दिए जाने वाला धन वापस ले लिया था।
ऐजाज ने कहा कि लड़ाकू जेट विमानों की बिक्री के संदर्भ में कांग्रेस को समझाने का प्रयास जारी है।
इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ एफ-16 लड़ाकू विमानों की खरीद के संदर्भ में सौदा तय कर लिया था।
इस सौदे के तहत पाकिस्तान को अपने राष्ट्रीय कोष से लगभग 27 करोड़ डॉलर की राशि का भुगतान करना था और बाकी का भुगतान अमेरिका द्वारा उसके विदेशी सैन्य वित्तीय कोष (एफएमएफ) से किया जाना था।
पाकिस्तान ने अमेरिका को अवगत कराया है कि उसके पास एफ-16 लड़ाकू जेट विमानों को खरीदने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। इसके साथ ही देश ने आगाह भी किया है कि अगर धन के संदर्भ में इस मुद्दे को जल्द नहीं सुलझाया गया, तो वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अन्य लड़ाकू विमानों को खरीदने पर विचार कर सकता है।
पाकिस्तान की ओर से हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करना, अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में अमेरिका का साथ देने वाले चिकित्सक को कारावास की सजा देना और देश के परमाणु कार्यक्रम से भय। इन्हीं कारणों पर चिंता करते हुए कांग्रेस इस सौदे को पूर्ण करने में सक्षम नहीं है।
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