इस्लामाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच कर रही पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख ने कहा है कि जांच दल ने तीन लोगों की जांच नहीं की है। बेनजीर ने अपनी हत्या के कुछ माह पहले लिखे एक पत्र में तीनों का के नाम का जिक्र करते हुए कहा था कि वे उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।
इस्लामाबाद, 12 मई (आईएएनएस)। बेनजीर भुट्टो की हत्या की जांच कर रही पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के प्रमुख ने कहा है कि जांच दल ने तीन लोगों की जांच नहीं की है। बेनजीर ने अपनी हत्या के कुछ माह पहले लिखे एक पत्र में तीनों का के नाम का जिक्र करते हुए कहा था कि वे उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।
जिरह के दौरान बुधवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक खालिद कुरैशी ने कहा कि जेआईटी ने इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हामिद गुल (सेवानिवृत्त), खुफिया ब्यूरो के पूर्व महानिदेशक ब्रिगेडियर एजाज शाह (सेवानिवृत्त) और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही के खिलाफ जांच नहीं की गई है।
डॉन ऑनलाइन की खबर के अनुसार, इन सभी लोगों के नाम पाकिस्तान की दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के उस पत्र में हैं, जिसे उन्होंने अमेरिकी लॉबिस्ट मार्क सेगेल को वर्ष 2007 में अपनी हत्या के कुछ माह पहले लिखा था।
भुट्टो 1988 से 90 तक और 1993 से 96 तक प्रधानमंत्री रहीं। उनकी हत्या वर्ष 2007 में उस समय कर दी गई, जब वह रावलपिंडी में चुनावी रैली के बाद अपने बुलेटप्रूफ वाहन से लौटने की तैयारी में थीं।
जब रावलपिंडी की एक आतंक-रोधी अदालत ने पूछा कि भुट्टो ने जिनके नाम लिए थे, क्या कुरैशी ने उनकी जांच की है तो जेआईटी प्रमुख ने नकारात्मक जवाब दिया।
यह भी खुलासा हुआ कि कुरैशी पंजाब पुलिस की जेआईटी के एक सदस्य थे जिसने शुरुआती जांच की थी।
हत्या की जांच दो चरणों में विभाजित है। भुट्टो की हत्या के तुरंत बाद तत्कालीन पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सरकार ने एक जांच टीम बनाई थी, जिसके कुरैशी एक सदस्य थे।
इस टीम ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
आतंकी संगठन अलकायदा ने हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को बाद में भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराने का दोषी ठहराया गया था।
वर्ष 2008 में जांच एफआईए को सौंप दी गई और कुरैशी को जेआईटी का प्रमुख बनाया गया।
जेआईटी ने एक और जांच की और मुशर्रफ, पुलिस उपमहानिरीक्षक साउद अजीज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शाहजाद को इस आरोप में फंसाया कि सबूत मिटाने के लिए घटनास्थल को धो दिया गया और बेनजीर को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराई गई।
जेआईटी ने बेनजीर के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए भी अजीज को जिम्मेदार माना।
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