मास्को, 13 मई (आईएएनएस)। रूस में अधिक जनसंख्या के कारण डोपिंग के नमूनों को जांच के लिए तय समय पर प्रयोगशाला भेजने में देरी हुई।
रूस के खेल मंत्रालय के साथ जुड़े एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ब्रिटेन के टेलीविजन चैनल ‘स्काई’ की रिपोर्ट से पता चला कि रूस से एकत्रित किए गए डोपिंग के नमूने विदेशी प्रयोगशालाओं में 48 घंटों के तय समय के भीतर नहीं पहुंच पाए, जिसका कारण देश के सीमा शुल्क में हुए देरी माना जा रहा है।
डोपिंग रोधी मुद्दे पर रूस खेल मंत्रालय की सलाहकार नतालिया झेलानोवा ने अपने ट्वीट में लिखा कि देश के विशाल आकार के कारण यह देरी हुई है।
रूस का खेल जगत 2014 के बाद से ही डोपिंग रोधी घोटालों में मुख्य केंद्र रहा है। फरवरी से ही ब्रिटिश डोपिंग रोधी एजेंसी (यूकेएडी) की देखरेख में रूस की डोपिंग रोधी एजेंसी (आरयूएसएडीए) ने ही देश के खेलों पर डोपिंग के मामले में नियंत्रण बनाए रखा है।
नतालिया ने कहा, “न ही यूकेएडी और न ही आरयूएसएडीए ने हमें विदेश में सीमा शुल्क और नमूने भेजने से संबंधित समस्याओं के बारे में बताया। हो सकता है कि देश के विशाल आकार के कारण ही इस प्रक्रिया में देरी हुई हो।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें आशा है कि जल्द से ज्ल्द सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। हम इस संबंध में सभी उपायों को देख रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि डोपिंग मामलों में इस वर्ष रूस के कई एथलीट शामिल हैं, जिनमें दिग्गज टेनिस स्टार खिलाड़ी मारिया शारापोवा का नाम भी है।
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