लंदन, 15 मई (आईएएनएस)। शोधकर्ताओं को इस बात के नए सबूत मिले हैं कि दक्षिणी अरब में मानव उससे भी 10 हजार साल पहले रहते थे, जितना पहले समझा गया था।
आखिरी हिम युग ने पृथ्वी के अधिकांश भाग को नहीं रहने लायक कर दिया था, लेकिन ऐसे रमणीय स्थल थे, जहां लोग एक साथ रहे और बचे रहे।
यह निष्कर्ष दुलर्भ डीएनए वंशावली के अध्ययन पर आधारित है। इससे यह पता चलता है कि एक ऐसा ही स्थान दक्षिणी अरब में था और आधुनिक मानव उस भूभाग में आखिरी हिम युग में भी बसा हुआ था। आखिरी हिम युग को पूर्ण हिमाच्छादन के रूप में जाना जाता है।
इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और ब्रिटेन के हडर्सफील्ड विश्वविद्यालय में शोधकर्ता फ्रांसिस्का गांडिनी कहते हैं कि एक दुर्लभ माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए आरओए वंशावली अरब में और ‘हार्न ऑफ अफ्रीका’ में बहुतायत में पाया गया। हार्न ऑफ अफ्रीका पूर्वोत्तर अफ्रीका के उस हिस्से को कहते हैं, जिसमें सोमालिया, जिबूती, इरिट्रिया और इथोपिया का कुछ हिस्सा शामिल है।
एक और जो चीज मिली वह लोगों के आरओए है। यह मध्य पूर्व से लेकर यूरोप तक के लोगों में पाया गया, जिससे संकेत मिलता है कि उस जीन का बहाव अरब से वर्तमान भू-भाग ईरान, पाकिस्तान और भारत तक फैला।
करीब 15 हजार साल पहले जब हिमयुग का असर कम हुआ तो इस क्षेत्र के लोग लुप्त हो गए।
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