संयुक्त राष्ट्र, 18 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर को नए मानचित्र विधेयक के जरिए भारत का हिस्सा बताने की भारतीय चाल बेकार है। उन्होंने कहा कि भारत इस बुनियादी तथ्य को नहीं बदल सकता कि राज्य ‘विवादित क्षेत्र’ है।
लोधी विवादित भारतीय विधेयक के मसौदे के संदर्भ में बोल रही थीं। भारत इसके जरिए अपने भू-भाग से जुड़ी सूचनाओं को नियंत्रित करना चाहता है।
भारत के ‘जियोस्पेटिकल इंफार्मेशन रेगुलेशन बिल’ के तहत कोई भी जो ऐसा नक्शा वितरित करते पाया जाएगा, जिसे भारत सरकार समझेगी कि गलत है तो उसे एक अरब रुपये दंड देना होगा और जेल भी होगी।
इस मसौदे पर पाकिस्तान की गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए लोधी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के भूभाग (जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है) को अपने सीमा क्षेत्र का अविभाज्य हिस्सा बताना बेकार एवं इतिहास, नैतिकता, अंतर्राष्ट्रीय कानून और जमीनी हकीकत का उपहास उड़ाना है।
उन्होंने अपने पत्र में (जिसे अब संयुक्त राष्ट्र के एक आधिकारिक दस्तावेज के रूप में बांटा गया) पाकिस्तानी राजनयिक ने इस पर खेद जताया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र भारत की इस कार्रवाई को गौर से देखने में नाकाम रहा।
लोधी ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्ताव इसकी पुष्टि करते हैं।
मंगलवार को भारत ने कहा था कि प्रस्तावित विधेयक का मसौदा पूरी तरह से भारत का आंतरिक विधान संबंधी मामला है। इसलिए कि पूरा राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तान या किसी अन्य पक्ष की इस मामले में कोई अधिस्थिति नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान की बार-बार इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर थोपने की कोशिश को खारिज करते हुए कहा था भारत हमेशा इसके द्विपक्षीय समाधान को तैयार है।
लोधी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का सम्मान करने और संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जनमत संग्रह कराने की जरूरत को दोहराया।
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