डा. मारिया स्ट्रीडोम (34) मोनाश यूनिवर्सिटी में वित्त व्याख्याता थीं। वह शनिवार को कोमोलंगमा पर्वत की चोटी पर पहुंचने से ठीक पहले वापस मुड़कर देखने लगीं और ऊंचाई संबंधी मितली या चक्कर आने के चलते उनका निधन हो गया।
मारिया की बहन अलेत्ता न्यूमैन ने कहा कि उनके परिवार को समूह की अगुवाई कर रही कंपनी ‘सेवन समिट ट्रेक्स’ ने बताया है कि कंपनी मारिया का शव आधार शिविर में वापस लाने की कोशिश करेगी।
सेवन समिट ट्रेक्स शव जल्दी से जल्दी नीचे लाने की गारंटी नहीं दे सकी।
दक्षिणी अफ्रीका में जन्मी न्यूमैन ने अमेरिका की मास मीडिया कंपनी ‘न्यूज कोर्प’ को सोमवार को बताया, “क्योंकि शव बहुत ज्यादा ऊपर है, इसलिए संभवत: वे इसे नीचे लाने की स्थिति में नहीं हैं और यह हमारे लिए बहुत तकलीफदायक है।”
उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि वह वहां रहे।”
मारिया एक अनुभवी पर्वतारोही थीं। वह पूर्व में अलास्का के डेनाली, अर्जेटीना के एकांकागुआ और अफ्रीका के किलिमंजरो पर्वत की चढ़ाई कर चुकी थीं।
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