अमेरिका ने जीका विषाणु की जांच की

अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा प्रमाणित यह केंद्र तीन नए उपकरणों की सहायता से प्रतिदिन 3,600 रक्त नमूनों की जांच कर सकता है और नमूने में जीका के कम से कम मात्रा की भी जांच करने में सक्षम है।

सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के नए आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में अमेरिका में दूसरी जगह से जीका विषाणु से संक्रमित होकर आए मामलों की संख्या 500 से अधिक है।

इनमें से कोई भी स्थानीय तौर पर मच्छरों से संक्रमित नहीं हुआ है। अमेरिकी राज्य टेक्सास में शुक्रवार को जीका विषाणु के 36 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 15 मामले ह्यूस्टन इलाके के हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए कांग्रेस से 1.9 अरब डॉलर का आपात कोष आवंटित करने के लिए कहा है।

जीका एक बीमारी है, जो जीका विषाणु से होता है और इसका प्रसार प्राथमिक तौर पर संक्रमण एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है।

जीका के प्रमुख लक्षणों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, जोड़ों में दर्द व कंजक्टिवाइटिस है।

इस विषाणु की खोज 1947 में हुई थी और यूगांडा के जीका जंगल के नाम पर इसका नाम जीका पड़ा।

साल 1952 में जीका का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर अब तक अफ्रीका, दक्षिणपूर्व एशिया तथा प्रशांत द्वीप पर इसका प्रकोप होता रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक फरवरी, 2016 को जीका विषाणु को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का लोक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया।

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