एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि तालिबान का पूर्व प्रमुख मुल्ला मंसूर बीते शनिवार को अमेरिकी ड्रोन हमले में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मारा गया।
तालिबान ने एक बयान में कहा, “इस्लामी अमीरात के नेतृत्व परिषद ने मावलावी हैबतुल्ला अखुंदजादा को इस्लामी अरमीत का नया सरगना एवं मावलावी सिराजुद्दीन हक्कानी व मावलावी मोहम्मद याकूब को उसका उप प्रमुख नियुक्त करने का निर्णय लिया है।”
‘सीएनएन’ चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, हक्कानी आतंकवादी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी पर स्टेट डिपार्टमेंट ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ है। वहीं मुल्ला याकूब मरहूम तालिबान प्रमुख मुल्ला मोहम्मद उमर का बेटा है।
अधिकारियों के अनुसार, मावलावी एक धार्मिक विद्वान है और तालिबान कोर्ट का पूर्व प्रमुख है। इसके अलावा अफगान तालिबान के उप नेताओं में से एक है। तालिबान की ओर से जारी अधिकांश फतवों के पीछे वही होता है।
बयान में कहा गया, “हम सभी मुसलमानों से तीन दिनों (गुरुवार से) के लिए मरहूम अख्तर मंसूर की याद में शोक मनाने एवं उनके कामों व उनकी रूह के लिए दुआ करने की अपील करते हैं।”
बयान में कहा, “हमारा जिहाद जारी रखेगा। हम अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के सभी मुजाहिदीन से फिक्र न करने और अपने नये नेता का समर्थन करने की दरख्वास्त करते हैं”
तालिबान के नेतृत्व परिषद ने मुल्ला मंसूर पर हुए हवाई हमले के अगले दिन ही उसके उत्तराधिकारी की नियुक्ति से संबंधित बातचीत शुरू कर दी थी।
पूर्व में रिपोर्टों में ऐसा अनुमान लगाया गया था कि हक्कानी व मुल्ला याकूब मुल्ला मंसूर के उत्तराधिकारी हो सकते हैं।
तालिबान की ओर से मंगलवार को कहा गया था कि मुल्ला मंसूर की मौत से इस समूह के विद्रोह या बलवे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सबसे पहले अमेरिका के रक्षा विभाग ने मुल्ला मंसूर पर हुए हमले की सूचना दी थी, लेकिन उसके मारे जाने की पुष्टि बाद में नेशनल डायरेक्ट्रेट ऑफ सिक्योरिटी सहित अफगानिस्तान के सुरक्षा संस्थानों ने की।
dharmpath.com dharmpath