टोक्यो, 27 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा शुक्रवार को अपने जापान दौरे के तहत अमेरिका के परमाणु बम हमले की मार झेलने वाले हिरोशिमा नगर पहुंचे।
ओबामा जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ हिरोशिमा शांति स्मारक पार्क पहुंचे। उन्होंने कहा, “71 साल पहले सुबह के समय नीले-साफ आसमान से मौत बरसी और दुनिया बदल गई।”
ओबामा यहां जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद हिरोशिमा से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इवाकुनी अमेरिकी सैन्य अड्डे पहुंचे।
उन्होंने कहा, “प्रकाश की एक चकाचौंध और आग की दीवार ने एक शहर तबाह कर दिया और दिखा दिया कि मानवजाति ने अपने नाश के साधन अपने पास रखे हुए हैं।”
हिरोशिमा वह जगह है, जहां द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने छह अगस्त 1945 को दुनिया का पहला परमाणु बम गिराया गया था, जिसमें 1,40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके दो दिन बाद जापान के एक अन्य शहर नागासाकी पर अमेरिका ने दूसरा परमाणु बम गिराया था, जिसमें 74,000 लोग मारे गए थे।
ओबामा के बयानों में इन दोनों परमाणु बम हमलों के प्रति दुख व पछतावा दिखा, लेकिन उन्होंने इनके लिए माफी नहीं मांगी। ओबामा व आबे स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद आए। स्मारक पर जापानी भाषा में लिखा हुआ है, “यहां सभी पुण्य आत्माओं को शांति से रहने दें। हम पाप की पुनरावृत्ति नहीं करेंगे।”
ओबामा ने कहा, “हम हिरोशिमा क्यों आए हैं?..हम मृतकों का शोक मनाने आए हैं।”
ओबामा ने संग्रहालय की आगंतुक पुस्तिका में लिखा कि ‘आशा करता हूं कि दुनिया को मिलकर शांति का प्रसार करने और परमाणु हथियारों से मुक्त एक विश्व तलाशने का साहस मिलेगा।’
जापान के अधिकारियों ने शुरुआत में ओबामा के हिरोशिमा दौरे को हतोत्साहित किया था, लेकिन अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी अप्रैल में यहां आए और स्मारक व संग्रहालय का दौरा किया। इसके बाद ओबामा के दौरे की राह प्रशस्त हुई।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर (1977-1981) अपना राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा करने के बाद मई 1984 को हिरोशिमा आए थे।
माना जा रहा है कि ओबामा हिरोशिमा परमाणु बम विस्फोट में बचे लोगों में कुछ से मुलाकात कर सकते हैं। यह वे लोग हैं जो परमाणु बम हमले के समय बच्चे थे।
परमाणु बम हमले में बचे सुनाओ सुबोई ने कहा, “मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह (राष्ट्रपति) मेरे जीवित रहते यहां आएंगे।”
उन्होंने कहा, “हमें माफी की जरूरत नहीं है। मुझे उम्मीद है कि वह (ओबामा) हिरोशिमा में ऐसी बात करेंगे जो मानवता की खुशी के लिए अच्छी होगी।”
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