लदसौस ने समाचार एजेंसी को एक साक्षात्कार में बताया कि चुनौतियों में से एक मुख्य चुनौती संयुक्त राष्ट्र शांतिदूतों विशेषकर यौन उत्पीड़न व शोषण मामले में संलिप्त शांतिदूतों में अनुशासनहीनता की समस्या का होना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने वाले शांतिदूतों को कानून के कठघरे में लाना होगा। उन्होंने कहा, “हमें इन सब मामलों को रोशनी में लाना होगा।”
पिछले साल नागरिकों की हिफाजत के लिए भेजे गए कुछ शांतिदूतों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। आरोप है कि उन शांतिदूतों ने नागरिकों की हिफाजत करने की बजाय किशोर-किशोरियों से पैसे के लिए धंधा कराया और उनका यौन उत्पीड़न किया।
इस संबंध में यूएन के ताजा अपडेट के अनुसार, इस साल अब तक शांतिदूतों व विशेष राजनीति मिशनों के खिलाफ ऐसे 44 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 39 मामले वे हैं, जिनमें कथित तौर पर वर्दीधारी अधिकारी संलिप्त हैं।
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